यमकेश्वर प्रखंड क्षेत्र में बीते दो सप्ताह से निरंतर वर्षा ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बीते बुधवार को ग्राम बैरागढ़ में भारी वर्षा के कारण कुत्ताकाटली गधेरे में झील बन गई थी। जिससे बैरागढ़ और कुराल गांव को खतरा पैदा हो गया था।प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया। शुक्रवार को उप जिलाधिकारी अनिल चन्याल आपकी मौजूदगी में झील का मुंह खोल दिया गया। जिससे आसपास क्षेत्र में झील के कारण खतरा टल गया।
भवनों के अंदर भर गया मलबा
यमकेश्वर प्रखंड में निरंतर हो रही वर्षा से कई जगह काफी नुकसान हुआ है। ग्राम पंचायत सिन्दूडी के ग्राम बैरागढ़ में कुत्ताकाटली गधेरे में आए उफान से कई ग्रामीणों की कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा। कई भवनों में दरार आ गई, कई भवनों के अंदर मलबा भर गया। ग्रामीण अभी इस परेशानी से उबर भी नहीं पाए थे कि कुत्ताकाटली गधेरे में पानी जमा होकर झील में तब्दील हो गया।
उप जिलाधिकारी ने झील का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी पौड़ी डा. आशीष चौहान ने यहां हालात का ज्यादा लेने के लिए टीम को भेजा था। शुक्रवार की सुबह उप जिलाधिकारी यमकेश्वर अनिल कुमार चन्याल यहां पहुंचे और उन्होंने झील का निरीक्षण किया। उन्होंने मजदूर और ग्रामीणों की मदद से झील को खुलवाया। इस काम में जेसीबी की भी मदद ली गई। यहां करीब 25 मीटर चौड़ी, 27 मीटर लंबी और पांच मीटर गहरी झील बन गई थी।
वर्षा होते ही झील भरने से गांव को खतरा
स्थानीय ग्रामीण सुभाष जुगलान, सुदेश भट्ट, सुभाष, मुकेश, नरेंद्र आदि ने बताया कि यदि क्षेत्र में ज्यादा वर्षा होती तो झील का पानी गांव की ओर आने का खतरा निरंतर बना हुआ था जो गांव में तबाही मचा सकता था। अब गांव को झील से खतरा टल गया है। इस दौरान कानूगो सत्यपाल चौहान, राजस्व उप निरीक्षक महिपाल पुंडीर आदि मौजूद रहे।