देहरादून(ब्यूरो) । सिनेमा हाल खचाखच भरा है… दर्शक पर्दे पर टकटकी लगाए बैठे हैं… लेकिन एक सीट खाली है। उस पर कोई बैठता नहीं। हर शो में वह सीट नीम करौली बाबा के लिए आरक्षित रहती है।
मानो श्रद्धालुओं के बीच बाबा स्वयं मौजूद हों और अपने जीवन की कथा को पर्दे पर देख रहे हों। दून के सिल्वर सिटी मल्टीप्लेक्स में इन दिनों ‘हनुमान अंश’ के शो के दौरान यह दृश्य सबसे ज्यादा भावुक करने वाला है।
बाबा के लिए खाली छोड़ी गई एक सीट फिल्म देखने आए दर्शकों के लिए महज कुर्सी नहीं, आस्था का प्रतीक बन गई है। फिल्म में नीम करौली बाबा के जीवन, उनकी आध्यात्मिक यात्रा, भक्ति, सेवा और करुणा से जुड़े प्रसंग दर्शकों को भीतर तक छू रहे हैं।