नवरात्रि 2023 में हर तरफ त्योहार का माहौल है। नवरात्रि के मौके पर लोग जमकर खरीदारी भी कर हैं। दशहरा को लेकर भी तैयारियां शुरू हो गईं हैं। दशहरा को लेकर ‘रावण’का पुतला भी तैयार किया जा रहा है। इसी के बीच ‘रावण’के पुतले से जुड़ी एक जानकारी आपको हैरान कर देगी। कैबिनेट मंत्रियों से भी ज्यादा ‘रावण’के पुतले की कड़ी सुरक्षा है। पुतले के आसपास दिन-रात कड़ा पहरा रहता है। बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी की ओर से 75 साल से देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में मनाए जा रहे दशहरा मेले के लिए इस साल अब तक का सबसे बड़ा 131 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया है। इस पुतले को कैबिनेट मंत्री से भी अधिक कड़ी सुरक्षा प्रदान की गई है। फिलहाल 11 सुरक्षा कर्मी तैनात हैं, जबकि कैबिनेट मंत्री की सुरक्षा में पांच कर्मचारी तैनात होते हैं।
आयोजकों ने इसके लिए चार बाउंसर की व्यवस्था की है। प्रशासन से भी सुरक्षा में सहयोग मांगा है। इस समय रावण के पुतले की सुरक्षा के लिए चीता पुलिस की दो टीमें नियमित रूप से परेड ग्राउंड में मौजूद हैं, जिनमें चार सदस्य हैं। तीन होमगार्ड भी मौके पर तैनात किए गए हैं। सिटी पट्रोल टीम गश्त कर रही है। आयोजकों ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा का घेरा और भी मजबूत करने का आग्रह किया है।बन्नू बिरादरी के रावण का आकार उनके अब तक के आयोजनों में सबसे ऊंचा है। इस विशाल रावण के पुतले को दशहरे से छह दिन पहले ही परेड ग्राउंड में खड़ा कर दिया गया है। एक-दो दिन में कुंभकरण और मेघनाद के पुतले भी रावण के पुतले की अगल-बगल खड़े कर दिए जाएंगे। इस दौरान यहां आने वाली भीड़ के बीच कोई अनहोनी न हो इसके लिए बन्नू बिरादरी की दशहरा कमेटी ने सुरक्षा के तमाम उपाय किए हैं।
दशहरा कमेटी के प्रधान संतोख नागपाल ने बताया कि डालनवाला थानाध्यक्ष राजेन्द्र शाह से सुरक्षा घेरा मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स की मांग की गई है। गुरुवार से रावण के पुतले के पास बैरीकैडिंग का काम भी शुरू हो जाएगा।
दशहरा कमेटी के बुजुर्ग सदस्य व संरक्षकों को दोपहर के समय परेड ग्राउंड में ही व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि समिति की युवा टीम दोपहर में आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग जुटा रही होती है। ये टीम शाम को परेड ग्राउंड में आकर सुरक्षा का मोर्चा संभाल लेती है। शाम को परेड ग्राउंड में बाहरी लोगों की भीड़ काफी बढ़ जाती है।कमेटी के दर्जनों युवा सदस्य देर रात तक मैदान में ही डटे रहते हैं। मीडिया प्रभारी संजीव विज के मुताबिक टीम के कुछ सदस्य रातभर परेड मैदान में रुक कर वहां बन रहे दोनों अन्य पुतलों के काम की भी निगरानी कर रही है। ये लोग सुबह ही वहां से लौट रहे हैं।
आयोजकों के मुताबिक आयोजन पर 30 से 40 लाख रुपये तक का खर्च आने का अनुमान है। पुतलों के आकार इस बार बड़े हैं। इसलिए इन्हें बनाने का काम भी पिछले डेढ़ माह से 30 मजदूरों की टीम द्वारा किया जा रहा था।
तीनों पुतलों के अलावा सोने की लंका, आयोजन स्थल में तीन हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था, बैरिकैडिंग, सजावट, आतिशबाजी, मंच निर्माण, विशिष्ट अतिथियों का स्वागत, ब्रोशर, बैनर, होर्डिंग, शहर में सजावट व रावण दहन व उसके अगले दिन निकलने वाली शोभायात्राओं आदि पर ये खर्चा होगा।
