अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश; स्वास्थ्य मंत्री बोले- प्लेटलेट्स की कोई कमी नहीं – HSS News 24

अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश; स्वास्थ्य मंत्री बोले- प्लेटलेट्स की कोई कमी नहीं

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स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने डेंगू की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन व रेखीय विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शुक्रवार को अपने शासकीय आवास पर वर्चुअल माध्मय से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक की।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आगामी डेढ़ माह तक डेंगू के खतरे की संभावना है, जिसको देखते हुए अधिक संवेदनशील जनपदों में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को रेखीय विभागों के साथ तालमेल कर जन जागरुकता अभियान जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आम लोगों को भी डेंगू के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।

डा. रावत ने कहा कि प्रदेश में अब तक 2049 मामले आए हैं। जिनमें से 1625 स्वस्थ हो चुके हैं जो कि कुछ डेंगू पीडि़त मरीजों की संख्या का करीब 80 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेंगू मरीजों के लिए प्लेटलेट्स की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। राज्य के ब्लड बैंकों में भी पर्याप्त मात्रा में ब्लड व प्लेटलेट्स उपलब्ध हैं। एक लाख से अधिक लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान के लिए ई-रक्त पोर्टल अपना पंजीकरण कराया है।

आयुष्मान भव अभियान के तहत बनी 13 हजार आभा आइडी

प्रदेश में संचालित आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत आयुष्मान आपके द्वार 3.0 अभियान के तहत अब तक 1250 आयुष्मान कार्ड एवं 13725 आभा आइडी बन चुकी है। जबकि अंगदान को 20 स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में 122 लोगों ने शपथ पत्र भर कर पंजीकरण कराया है।

एक लाख से अधिक लोगों ने किया रक्ततदान को पंजीकरण

प्रदेश में अब तक ई-रक्त पोर्टल पर एक लाख 03 हजार 856 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान को पंजीकरण कराया है। 17 सितंबर से अभी तक सेवा पखवाड़े में 216 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 17893 लोगों ने ई-रक्त पोर्टल पर स्वैच्छिक रक्तदान को पंजीकरण कराया, जबकि इस अवधि में 7800 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान भी किया। यह अभियान विभिन्न शिक्षण संस्थानों, प्रतिष्ठानों एवं सरकारी कार्यालयों में आगामी दो अक्टूबर तक जारी रहेगा।

आयुष्मान भव अभियान के सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत प्रदेशभर में राजकीय मेडिकल कालेजों, जिला चिकित्सालयों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष्मान मेले का आयोजन किया गया। जिसके तहत 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 3960 लाभार्थियों को परामर्श एवं उपचार दिया।

जबकि आयुष्मान हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में आयोजित 54 स्वास्थ्य मेलों में 6320 लाभार्थियों को परामर्श एवं उपचार दिया गया। जिन में से एक लाभार्थी की जटिल सर्जरी जबकि 200 से अधिक लाभार्थियों को मेजर सर्जरी के लिए चिन्हित किया गया।

स्वास्थ्य मेलों में 190 लोग माइनर सर्जरी के चिन्हित किए गए व 55 लोगों की मौके पर ही लघु सर्जरी की गई। जांच एंव परीक्षण के दौरान करीब 615 लोगों में मधुमेह, 595 लोगों में उच्च रक्तचाप, 215 लोगों में ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाकल कैंसर तथा 125 लोगों में मोतियाबिंद की पहचान हुई। स्वास्थ्य मेलों में 2200 से अधिक लोगों की विभिन्न पैथालाजी जांच की गई और 556 लाभार्थियों को मातृ एवं शिशु प्रजनन सेवाएं उपलब्ध कराई गई।

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