उत्तराखंड सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चारधाम यात्रा रूट पर 27 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं। यह कदम न केवल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखता है बल्कि प्रदूषण को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। खास बात यह है कि केदारनाथ घाटी में भी जल्द ही एक चार्जिंग स्टेशन शुरू किया जाएगा, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान चार्जिंग की चिंता नहीं रहेगी।
चारधाम यात्रा रूट पर चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार
- उत्तराखंड परिवहन विभाग ने 154 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का नेटवर्क तैयार करने की योजना बनाई है, जो लगभग 4,500 किलोमीटर तक फैला होगा।
- पहले चरण में गढ़वाल क्षेत्र के 12 और कुमाऊं क्षेत्र के 9 रूट्स पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
- इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹40 करोड़ है।
केदारनाथ घाटी में चार्जिंग स्टेशन की शुरुआत
केदारनाथ घाटी में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन की स्थापना से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी। यह स्टेशन आधुनिक तकनीक से लैस होगा और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में मदद करेगा। इसके अलावा, राज्य सरकार ने 33 स्थानों को चारधाम यात्रा मार्ग पर चार्जिंग स्टेशन के लिए चिन्हित किया है।
किन स्थानों पर स्थापित किए गए हैं चार्जिंग स्टेशन?
चारधाम यात्रा के प्रमुख रूटों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जिससे यात्रियों को चार्जिंग की चिंता न हो। ये स्टेशन मुख्य रूप से ऋषिकेश, गुप्तकाशी, सोनप्रयाग, जोशीमठ, बद्रीनाथ, गौरीकुंड और केदारनाथ घाटी के आस-पास बनाए गए हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहन धारकों को यात्रा के दौरान सुविधा मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण और यात्री सुविधा
चारधाम यात्रा मार्ग पर हर 26 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का उद्देश्य प्रदूषण को नियंत्रित करना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। इस योजना का दूसरा चरण 2025 तक पूरा होगा, जिसमें हर 100 किलोमीटर पर एक चार्जिंग स्टेशन लगाया जाएगा। तीसरे चरण में, 2030 तक हर 50 किलोमीटर पर चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।