फर्जी वसीयत बनाकर जमीन पर कब्जा करने के प्रयास के आरोप में क्लेमेनटाउन थाना पुलिस ने भाजपा से निष्कासित रीना गोयल के विरुद्ध एक और मुकदमा दर्ज कर लिया है। रीना के अलावा, इस प्रकरण में दो अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है।
रीना के विरुद्ध इससे पहले जून 2021 में भी डीके मित्तल की अन्य संपत्ति पर कब्जा करने का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। डीके मित्तल व उनकी पत्नी की कोरोना काल में मौत हो गई थी। मामले में डीके मित्तल के एनआरआई भांजे ने पुलिस से शिकायत की है।
एनआरआई शिल्प अग्रवाल ने क्लेमेनटाउन थाने में तहरीर दी कि उनके सगे मामा डीके मित्तल एवं उनकी पत्नी सुशीला मित्तल उर्फ शीला मित्तल की देहरादून व आसपास क्षेत्र में काफी जमीन थी। डीके मित्तल के बेटे की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, जिसके कारण उनकी बहनें सुदर्शन अग्रवाल, सुदेश अग्रवाल, सुभा गुप्ता उनकी वारिस थीं।
शिकायतकर्ता की माता संतोष अग्रवाल का मई 2021 को निधन हो गया। वह मृत्यु के बाद बेटे राहुल अग्रवाल व शिल्प अग्रवाल को छोड़ गईं। सभी वारिस न्यू जर्सी, अमेरिका में रहते हैं। उनके मामा व मामी की कोरोना काल के दौरान मृत्यु हो गई। उन्होंने अपने जीवनकाल में किसी के नाम कोई वसीयत नहीं की।
चल-अचल संपत्ति की स्वामी खुद होने का दावा
डीके मित्तल व उनकी पत्नी की मृत्यु के बाद 30 अप्रैल 2021 को रीना गोयल निवासी टर्नर रोड ने उनकी एक फर्जी वसीयत बनाई और उनकी चल-अचल संपत्ति की स्वामी खुद होने का दावा किया। आरोपितों ने गिरोह बनाकर संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया।
शिल्प अग्रवाल ने बताया कि फर्जी वसीयत पर उनकी मामी सुशीला मित्तल के कूटरचित हस्ताक्षर किए हैं। फोरेंसिक जांच में इसकी पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पांच फरवरी 2022 को ई-मेल के माध्यम से पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण आरोपियों का मनोबल बढ़ गया।
थानाध्यक्ष क्लेमेनटाउन शिशुपाल राणा ने बताया कि शिकायत के आधार पर रीना गोयल सहित राधा निवासी द्वारिकापुरी पटेलनगर और मनिंदर चंद्र निवासी मियांवाला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
