चारधाम यात्रा के बेहतर प्रबंधन, वनाग्नि को रोकने और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए मुख्यमंत्री – HSS News 24

चारधाम यात्रा के बेहतर प्रबंधन, वनाग्नि को रोकने और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए मुख्यमंत्री

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देहरादून संवादाता : चारधाम यात्रा के बेहतर प्रबंधन, वनाग्नि को रोकने और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए मुख्यमंत्री आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत भी सभी सुरक्षात्मक उपाय किये जाएं।

आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजलीपानी कनेक्शन जैसी सुविधाएं अनधिकृत रूप से प्रदान करने वाले कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जन शिकायतों का शीघ्रता से समाधान को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए, जिससे शासनप्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। आगामी चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, होटल व्यवसायियों तथा अन्य हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय सचिवों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा के दौरान विभागों और जिला प्रशासन के स्तर पर सभी व्यवस्थाएं बेहतर बनाई जाए। चारधाम यात्रा आस्था का प्रमुख केन्द्र होने के साथ ही स्थानीय लोगों की आजीविका से भी जुड़ी है। चारधाम यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों से निरन्तर समन्वय बनाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये हैं। चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

इसके लिए जन सहयोग भी लिया जाए। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने बैठक में वनाग्नि प्रबंधन के लिए वन विभाग के साथ सभी जिलाधिकारियों को पूर्ण तैयारी करने के निर्देश दिये है। वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए। वनाग्नि नियंत्रण के लिए त्वरित कार्यवाही के लिए स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के नम्बर भी अपडेट रखे जाएं, ताकि वनाग्नि की घटना होने पर शीघ्रता से नियंत्रण किया जा सके। वनाग्नि की संभावना वाले क्षेत्रों में टीमें तैनात की जाए और उनकी निरंतर मॉनिटरिंग भी की जाए। मोबाइल गश्त टीमें भी तैनात की जाए।

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