उत्तराखंड के देहरादून में चोरी के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। मामले के आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि वे नशे के आदी हैं और घटना के दिन भी उन्होंने शराब पी हुई थी, जिस कारण उन्होंने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस क्षेत्राधिकारी बीएल शाह ने पत्रकार वार्ता में चोरी के मामले का पर्दाफाश किया है।
दरअसल, त्यूणी के डुंगरी भंद्रोली के राजेंद्र कोतवाली में तहरीर दी थी। तहरीर में बताया था कि उसने 21 अगस्त को रसूलपुर में एक मार्बल्स की दुकान के आगे पिकअप खड़ी की थी, जिसे चोर चोरी कर ले गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू की थी।
कोतवाल संजय कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज चेक किए। जांच के दौरान पुलिस के हाथ सुराग हाथ लगे, जिस पर मंगलवार को पुलिस टीम ने डाकपत्थर रोड पर चेकिंग के दौरान विपिन रतूड़ी निवासी ग्राम रजाणू पोस्ट मसक तहसील व थाना चकराता व रमेश चौहान निवासी ग्राम बुराइला पोस्ट लोहारी तहसील व थाना चकराता को चोरी किए गए वाहन के साथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों ने नशे में किया अपराध
पुलिस क्षेत्राधिकारी बीएल शाह ने पत्रकार वार्ता में घटना का पर्दाफाश किया। बताया कि आरोपी विपिन रतूड़ी व रमेश चौहान ने पुलिस पूछताछ में बताया कि दोनों ने 21 अगस्त को गाड़ी के मालिक राजेंद्र व ड्राइवर प्रीतम के साथ शाम के समय खाना-पीना कर रहे थे। सभी ने शराब पी हुई थी। नशे में राजेंद्र द्वारा उसके साथ लड़ाई की। जब राजेंद्र व उसका ड्राइवर प्रीतम बहुत नशे में हो गए तो उन्होंने उनके नशे का फायदा उठाकर पिकअप गाड़ी को चोरी कर बाड़वाला के जंगलों में छिपा दिया था।
दूसरी जगह वाहन को बेचने की फिराक में थे आरोपी
मंगलवार को वह चोरी की गाड़ी को कहीं दूसरे जगह ले जाकर बेचने की फिराक में थे। विकासनगर से बाहर जा रहे थे कि पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकारा कि वह नशे के आदी हैं। नशा करने के लिए रुपये की जरूरत होने के कारण उनसे यह गलती हो गई।
कोतवाल संजय कुमार के अनुसार, आरोपित रमेश चौहान पर वर्ष 2021 में कोतवाली विकासनगर में एनडीपीएस एक्ट में भी मुकदमा दर्ज हुआ था। अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है।
