देहरादून, ब्यूरो। एफआरआई में विश्व पर्यावरण दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि पृथ्वी वर्तमान में जलवायु परिवर्तन जैसी घटनाओं का सामना कर रही है, जिसका यदि समाधान नहीं किया गया तो इसके अस्तित्व को खतरा हो सकता है। ग्लोबल वार्मिंग की घटना को चरम मौसम की घटनाओं से जोड़ा गया है जो असामयिक और अत्यधिक बारिश, सूखे और चक्रवात आदि के माध्यम से पृथ्वी के विभिन्न हिस्सों को तबाह कर रही हैं। बड़े पैमाने पर शहरीकरण से निवास स्थान का नुकसान हो रहा है जो बदले में कई प्रजातियों के विलुप्त होने का खतरा है। भूमि, जल और वायु का प्रदूषण आवास को निर्जन बना रहा है और यदि इसे रोका नहीं गया तो मानव प्रजातियों के अस्तित्व को खतरा होगा।
उन्होंने संस्थान द्वारा खराब हुए क्षेत्रों के पर्यावरण की बहाली के लिए परियोजनाएं शुरू करने और गंगा और 13 अन्य प्रमुख नदियों के कायाकल्प के लिए डीपीआर तैयार करने के बारे में भी बताया। तत्पश्चात पर्यावरण पर भाषण प्रतियोगिता व कविता पाठ किया गया। इन गतिविधियों का संचालन हिन्दी अधिकारी शंकर शर्मा ने किया।मोहिनी रावत और श्रुति शर्मा द्वारा दो गतिविधियों का निर्णय किया गया। कार्यक्रम में एफआरआई के कर्मचारियों, एफआरआई डीयू के छात्र और पीएचडी विद्वानों ने भाग लिया। इसके बाद केन्द्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालय के छात्रों के लिए पुरस्कार वितरण किया गया। उन विद्यार्थियों ने अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस-2022 पर आयोजित निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता में पुरस्कार जीते थे। समारोह के दौरान कविता पाठ और भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।
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जलवायु परिवर्तन से मुकाबले के लिए जागरूकता अभियान चलाया
Sun Jun 5 , 2022
देहरादून, ब्यूरो। टाटा टी ने रुजागो रे, का अपना नवीनतम संस्करण लॉन्च किया। इसका उद्देश्य एक ऐसी समस्या को लेकर पर जागरूकता फैलाना है जो हमारे समय का सबसे स्पष्ट संकट है जलवायु परिवर्तन। पिछले कुछ दशकों में, जलवायु परिवर्तन के निहितार्थ अपूर्व रहे हैं। 2021 की सेव द चिल्ड्रन […]