घुत्तु-गंगी क्षेत्र में टूरिज्म की गतिविधियों को विकसित करने पर हुई चर्चा – HSS News 24

घुत्तु-गंगी क्षेत्र में टूरिज्म की गतिविधियों को विकसित करने पर हुई चर्चा

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टिहरी, आजखबर। विकासखण्ड भिलंगना के घुत्तु-गंगी क्षेत्र में पर्यटन और साहसिक खेलों की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए क्षेत्र में टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल इवा आशीष श्रीवास्तव ने जिला कलेक्ट्रेट के वी.सी. कक्ष में इको एडवंेचर वाटर पार्क, ट्रैक रूट आदि को विकसित करने को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बैठक में घुत्तु-गंगी क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु टूरिज्म की गतिविधियों को विकसित करने पर चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि रानीडांग में झील निर्माण, टैªक रूट विकसित करने, पार्किंग एरिया एवं निवास स्थान आदि कार्यों हेतु तीन सदस्यीय समिति गठित कर अगले छः माह में किये जाने वाले कार्यो का इस्टीमेट बनाकर शीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही पवाली काठा में स्टोर, डोरमेट्री कम बेड, शौचालय आदि के इस्टीमेट भी बनाकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। डीएफओ को निर्देशित किया गया कि ट्रैक रूटों के सुढृढीकरण हेतु धनराशि कैम्पा मंे रखना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही मासरताल में टीन शेड मरम्मत, साइनबोर्ड आदि के प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया। जिला पर्यटन विकास अधिकारी को घुत्तु में होम स्टे शुरू करवाने के निर्देश दिये गये।

जिला विकास अधिकारी टिहरी गढ़वाल सुनील कुमार ने बताया कि गंगी उत्तराखण्ड का आखरी गांव है, जहां पर आज भी लोग अपनी संस्कृति, वेश भूषा को नहीं भूले हैं। इस गांव से खतलिंग ग्लेशियर का अद्भूत दृश्य देखने को मिलता है, इसलिए यात्री दूर-दूर से गंगी गांव एवं खतलिंग ग्लेशियर देखने को आते हैं। इसके साथ ही सहस्त्रताल, मासरताल, मटिया बुग्याल की अद्भूत प्राकृतिक सौन्दर्य देखने को मिलता है, किन्तु सुविधाओं के अभाव में यात्री यहां रूक नहीं पाते हैं। विकासखण्ड भिलंगना के अन्तर्गत ग्राम पंचायत महर गांव (घुत्तु) में इको एडवंेचर वाटर पार्क एवं ट्रैक रूट विकसित करने की योजना प्रस्तावित है। योजना के तहत पवाली काठा-घुत्तु, खतलिंग ग्लेसियर-गंगी, मासरताल-गंगी, सहस्त्रताल-गंगी, त्रिजुगी नारायण-घुत्तुु एवं मटियाल बुग्याल-घुत्तु को विकसित करने, रानीडांग में झील निर्माण, पार्किंग, ट्री हाउसिस, रॉक क्लाईबिंग, पौधारोपण, जलक्रीड़ा संबंधी गतिविधियां, हर्बल गार्डन आदि विकसित करने की योजना हैं। बैठक मंे पीडी डीआरडीए प्रकाश रावत, डीएफओ टिहरी वी.के.सिंह, डीटीडीओ अतुल भण्डारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी साक्षी शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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