देश के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला है कि दोनों संदिग्ध पाकिस्तान से नशे की खेप भारत लाए थे। नशा बेचकर मिले रुपयों को दोनों संदिग्धों ने देश के खिलाफ साजिश रची थी।दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब हर एंगल पर छानबीन करने में जुटी हुई है। दोनों संदिग्ध युवक यूपी के रामपुर के रहने वाले हैं। जम्मू-कश्मीर के आतंकी मॉड्यूल से कनेक्शन में जेके पुलिस और एसटीएफ की ओर से संयुक्त कार्रवाई की गई है।
संयुक्त टीम द्वारा पिछले कई दिनों से दोनों संदिग्धों पर पैनी नजर बनाए हुए थे। पुलिस टीम द्वारा संदिग्धों के बारे में खूफिया जानकारी जुटाने क के लिए दिन-रात एक कर दिए। दोनों संदिग्धों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाने के बाद संयुक्त टीम ने दोनों संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों मूल रूप से उत्तराखंड बॉर्डर के नजदीक यूपी के रामपुर निवासी हैं। दोनों को जम्मू-कश्मीर पुलिस अपने साथ लेकर चली गई। इनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत कार्रवाई की गई है।
इसके बाद जम्मू-कश्मीर से उत्तराखंड एसटीएफ को यह इनपुट साझा किया गया। एसटीएफ ने दोनों आरोपियों के बारे में करीब दस दिन तक जानकारी इकट्ठा की। इसके बाद बुधवार रात जम्मू-कश्मीर पुलिस रुद्रपुर पहुंची।वहां से कृष्ण पाल (27) पुत्र हरदयाल और दीपचंद (28) पुत्र गेंदनलाल दोनों निवासी पैपुरा बिलासपुर रामपुर यूपी को रुद्रपुर स्थित पाल प्रिंटिंग प्रेस से गिरफ्तार किया गया। मौके से कम्यूटर और प्रिंटिंग के उपकरण कब्जे में लिए गए।
जम्मू से एसडीपीओ अजय जामवाल के नेतृत्व में टीम पहुंची थी। नशा तस्करी में जम्मू में पकड़े गए आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं। पहचान छुपाने के लिए उन्होंने पहचान पत्र, डीएल और वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र सब फर्जी तरीके से बनवाए। एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि रुद्रपुर में पकड़े गए आरोपियों से बरामद उपकरण भी जम्मू-कश्मीर पुलिस ले गई है, जिससे पता चलेगा कि वे कितनों के फर्जी दस्तावेज बनवा चुके हैं।
