उत्तराखंड किसान मोर्चा ने शासन प्रशासन के नुमाइंदों पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है। मोर्चा पदाधिकारी का आरोप है कि सरकार आपदा पीड़ितों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। 11 जुलाई को सोलानी नदी का तटबंध टूटने और पथरी नदी और गंगा के उफान पर आने पर आयी बाढ़ ने लक्सर और खानपुर क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई थी।
बाढ़ के कारण लोगों के घर और दुकानों में रखा सामान जहां पूरी तरह बर्बाद हो गया वहीं किसानों की फसलें पूरी तरह चौपट हो गयी थी। लक्सर मे आयोजित मोर्चा की बैठक में राष्ट्रीय महासचिव संदीप बसेड़ी ने कहा कि लक्सर और खानपुर क्षेत्र में बाढ़ के कारण किसानों की फसलें पूरी तरह तबाह हो गयी है। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो गयी है।
शासन – प्रशासन किसानों को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं है। बर्बाद हुई फसलों का वाजिब मुआवजा किसानों को नहीं मिल रहा है। जो मिल रहा है उसके लिए भी उन्हें लगातार तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
बच्चों पर फीस लाने का है दबाव
निजी स्कूल बच्चों पर फीस लाने का लगातार दबाव बना रहे हैं तथा फीस जमा नहीं करने पर परीक्षा में नहीं बैठने देने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि फीस के लिए बच्चों पर दबाव बनाने वाले स्कूलों के खिलाफ प्रदर्शन कर तालाबंदी करेंगे। बैठक मे सुधीर चौधरी, कामिल प्रधान ,सतीश प्रधान, जोगिंदर, दुष्यंत, मुन्नू आदि उपस्थित रहे।
