उत्तराखंड में वर्षा का क्रम थमने के बाद चटख धूप खिलने से पारा लगातार चढ़ने लगा है। जिससे उमसभरी गर्मी बेहाल कर रही है। सितंबर के पहले ही दिन पारा उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया।
दून का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि बीते 23 वर्ष में सितंबर में दूसरा सर्वाधिक तापमान है। इससे पहले केवल वर्ष 2020 में ही पारा 35 के पार पहुंचा था। हालांकि, सितंबर में अधिकतम तापमान का आल टाइम रिकार्ड वर्ष 1974 में 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
अगस्त के अंतिम सप्ताह में मानसून कमजोर पड़ने के बाद दून समेत प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में चटख धूप खिल रही है। जिससे पारा लगातार चढ़ रहा है और गर्मी से जनजीवन प्रभावित है। बीते एक सप्ताह के भीतर प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में तापमान में दो से छह डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
शुक्रवार को सितंबर के पहले दिन ही सूर्य के तेवर और तल्ख हो गए। दून समेत कई मैदानी क्षेत्रों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच गया। जबकि, सितंबर में वर्ष 2020 के बाद यह केवल दूसरी बार हुआ है। अगले कुछ दिन भी ज्यादातर क्षेत्रों में आसमान साफ रहने का अनुमान है। ऐसे में पारे में और इजाफा होने की भी आशंका है।
कुमाऊं में बौछार, गढ़वाल में चटख धूप के आसार
प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना हुआ है। अगले कुछ दिन मौसम के मिजाज में कोई विशेष परिवर्तन आने की उम्मीद नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार कुमाऊं के बागेश्वर और पिथौरागढ़ के साथ ही कुछ अन्य क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं बौछारें पड़ सकती हैं।
जबकि, देहरादून समेत गढ़वाल के अधिकतर क्षेत्रों में आमतौर पर आसमान साफ रहने का अनुमान है। कहीं-कहीं आंशिक बादल छाये रहने और हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना है।
सितंबर में दून में बीते 10 वर्षों में सर्वाधिक तापमान
वर्ष, तापमान
एक सितंबर 2023, 35.2
20 सितंबर 2022, 33.9
27 सितंबर 2021, 34.0
21 सितंबर 2020, 35.7
तीन सितंबर 2019, 34.9
छह सितंबर 2018, 34.5
18 सितंबर 2017, 34.1
17 सितंबर 2016, 33.4
30 सितंबर 2015, 34.0
19 सितंबर 2014, 32.7
19 सितंबर 2013, 34.0
