गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीते रविवार को गंगनानी के पास हुई बस दुर्घटना में रात के समय कुल 14 घायलों को एम्स ऋषिकेश भेजा गया है। उत्तरकाशी जिला अस्पताल में इन घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया। अधिकांश घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है। अन्य 14 घायल डीएच उत्तरकाशी में हैं। वहीं आज सुबह पुलिस विभाग के शव वाहन से सभी 7 शवों को हिमालयन हॉस्पिटल ऋषिकेश के लिए रवाना किया गया।
गत रविवार को हुई बस दुर्घटना में घायलों को रेस्क्यू करने का कार्य चार घंटे तक चला। पुलिस व राज्य आपदा मोचन बल के जवानों के साथ स्थानीय ग्रामीण व व्यापारी भी रेस्क्यू में जुटे रहे। इससे रेस्क्यू कार्य में तेजी आई और 27 घायलों को दो घंटे के अंतराल में सौ मीटर गहरी खाई में पेड़ के सहारे अटकी बस से बाहर निकालकर समय से अस्पताल पहुंचाया जा सका।
नाम – उम्र – पता
मीनाबेन उपाध्याय -51 वर्ष – देवरान नगर भावनगर गुजरात
गणपतराय मेहता – 61 वर्ष – भावनगर गुजरात
दक्षा मेहता – 67 – भावनगर गुजरात
राजेश भाई मैर – 40 वर्ष – अलंरा भावनगर गुजरात
अनिरुद्ध भाई जोशी – 35 वर्ष – तलाजा भावनगर गुजरात
गीगा भाई – 40 वर्ष – ग्राम पादरी घूमर भावनगर गुजरात
करनजीत – 29 वर्ष – पालीताना भावनगर गुजरात
ऐसी हुई थी दुर्घटना
रविवार शाम चार बजे के आसपास गंगनानी के पास तीर्थ यात्रियों से भरी बस दुर्घटनाग्रस्त हुई। दुर्घटना के दस मिनट के अंतराल में गंगनानी से आपदा प्रबंधन स्वयं सेवक राजेश रावत सहित स्थानीय निवासी और व्यापारी घटना स्थल पर पहुंच गए। इस बीच गंगोत्री से लौट रहे डाक कांवड़ यात्री भी रेस्क्यू में हाथ बंटाने लगे। आपदा प्रबंधन स्वयं सेवक राजेश रावत ने बताया कि उनके साथ स्थानीय व्यापारियों ने रेस्क्यू करने में काफी मदद की।
रेस्क्यू टीम ने घायलों को निकाला
एसडीआरएफ की टीम के मौके पर पहुंचने तक 19 घायल तीर्थ यात्रियों को दुर्घटनाग्रस्त बस से निकाला जा चुका था। करीब पौने पांच बजे एसडीआरएफ की टीम संसाधनों के साथ घटना स्थल पर पहुंची। इसके बाद रेस्क्यू में कुछ तेजी आई। रेस्क्यू टीम को खाई में उतरने के लिए रस्सियों का सहारा भी लेना पड़ा।
