उत्तराखंड के पहाड़ों में इस समय बारिश ने जोर पकड़ा हुआ है। तेज बारिश के कारण न केवल नाले और गदेरे में उफान है, बल्कि नदियों का जलस्तर भी चेतावनी रेखा के ऊपर हो चुका है। भारी बारिश के चलते ऋषिकेश में गंगा के जलस्तर में भी भारी वृद्धि हुई है।
ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा से 65 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, देर रात से ही गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने लगी थी। तड़के गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा 339.50 को पार कर गया था, जबकि अब गंगा का जलस्तर 340.15 पर पहुंच चुका है, जो खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर नीचे है।
उफान पर बह रही गंगा
गंगा का जलस्तर बढ़ने से ऋषिकेश, मनिकिरेती, तथा स्वर्गाश्रम क्षेत्र के पक्के घाट जलमग्न हो गए हैं। त्रिवेणी घाट का आरती स्थल पूरी तरह पानी में डूब गया है। गंगा के जलस्तर में अभी भी वृद्धि जारी है। इसी बीच एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पानी के बीच तेज बहाव के बीच ऋषिकेश में भगवान शिव की प्रसिद्ध मूर्ति के आधार तक पानी पहुंच चुका है।
आफत बनकर बरस रही सावन की बारिश
गौरतलब है कि उत्तराखंड में देहरादून समेत ज्यादातर क्षेत्रों में सावन की बारिश आफत बनकर बरस रही है। कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण आपदा आ गई है। दून में बीते रविवार की रात खासी भारी गुजरी। पूरे जिले में रात से हो रही मूसलाधार वर्षा सुबह तक जारी रहने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
बस्तियों में खतरा, घरों में घुसा बारिश का पानी
भारी बारिश के कारण दून के नदी-नाले उफान पर आ गए। रिस्पना और बिंदाल के किनारे स्थित बस्तियों को खतरा पैदा हो गया। राजपुर और जाखन की कुछ कालोनियों में बारिश का पानी घरों में घुसा गया। सहस्रधारा रोड पर भी कई स्थानों में यही स्थिति रही। पानी और मलबा घरों में घुसने से क्षेत्रवासियों का सामान खराब हो गया। सप्लाई-किमाड़ी मार्ग पर तीन स्थानों पर भूस्खलन होने के कारण आवाजाही ठप रही। रिखोली में भी भूस्खलन से सड़क बंद है और लोग पैदल आवाजाही कर रहे हैं।
