काशीपुर, ब्यूरो। जसपुर के विधायक ने बीते रोज गनर के साथ मारपीट व खुद के साथ हुए अभद्रता के मामले को लेकर मोर्चा खोल दिया है। मामले में उन्होंने एसएसपी ऊधमसिंह नगर के खिलाफ अपने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके हत्या की साजिश रची जा रही है।
शनिवार को विधायक अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ जसपुर कोतवाली पहुंचकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर जानबूझकर उनका गनर हटाने का आरोप लगाया गया। विधायक आदेश चैहान की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि शुक्रवार को को समय लगभग दिन के 9ः30 बजे अपने आवास गांव निवारमण्ड़ी पर थे। तभी अवनीश कुमार, मदन लाल, कृष्ण कुमार निवासीगण पंण्डित पूर्णानन्द तिवारी इंण्टर कॉलिज के पास उनके आवास में घुस आये। आते ही कहने लगे कि तुम हमारे खिलाफ एसडीएम बहुत शिकायत करते हो। शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने लगे। उन्होंने कहा की वह आम जनता के साथ हैं। दबाव में नही आएंगे। इस पर तीनो लोग आग बबूला हो गये। कहने लगे हम तुम्हे सबक सिखाकर ही रहेंगे। गाली देते हुये कहने लगे कि तुम हमारा ब्याज का काम रुकवाना चाहते हो। शोर सुनकर मौके पर सरदार सुखदेव सिंह, उनका गनर प्रयाग सिंह अन्य लोग मौके पर आ गये। तीनो ने हमला कर उनके गनर की वर्दी फाड़ दी।मामले में विधायक की तरफ से शुक्रवार को देर शाम प्रशासन की तरफ से भेजे गए गए गनर को लेने से इंकार कर दिया। मामले में एसपी काशीपुर चंद्रमोहन सिंह का कहना है कि मामले में गनर के बयान और जांच के लिए उसे कोतवाली बुलाया गया था, जबकि उसके जगह पर उनके सुरक्षा के लिए दूसरा गनर भेज दिया गया लेकिन उन्होंने गनर लेने से मना कर दिया।
-आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को महालक्ष्मी किट से जोड़ा जाएगा
Sun Aug 28 , 2022
देहरादूून, ब्यूरो। प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की अध्यक्षता में आंगनवाड़ी के समस्त पंजीकृत संगठनों द्वारा दिए गए ज्ञापन, प्रत्यावेदन, नन्दा गौरा महालक्ष्मी योजना, आंगनवाड़ियों के मानदेय वृद्धि, किराया भाड़ा एवं कैबिनेट में ले जाए जाने वाले प्रस्तावों के संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। मंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी से संबंधित सामग्री के आंगनवाड़ी केन्द्र तक ट्रान्सपोर्टेशन पर होने वाला खर्च आंगनवाड़ी कार्यकत्री बहनों द्वारा स्वंय वहन किया जाता है, आंगनवाड़ी बहनों को किसी प्रकार का अनावश्यक वित्तीय भार न उठाना पड इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये। मंत्री ने कहा कि किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों का अवशेष किराया भाड़ा जल्द से जल्द आंगनवाड़ी कार्यकत्री बहनों को भुगतान किया जायेगा। आंगनवाड़ी केन्द्र हेतु सहायिकाओं की आयु सीमा की बाध्यता में छूट देने के प्रस्ताव पर मंत्री ने कहा कि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। मंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्री, सहायिका तथा मिनी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की नियुक्ति हेतु नवीन शासनादेश बनाया जा रहा है जिसे जल्द ही कैबिनेट में रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि हम आंगनवाड़ी बहनों को महालक्ष्मी किट से जोड़ने वाले है इस संबंध में अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये। मंत्री ने कहा कि जिस प्रकार तीन वर्ष से लेकर छः वर्ष तक के बच्चों को दूध, केला, अण्डा वितरित किया जाता है, उसी प्रकार हम छः माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को बाल पलाश योजना और मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना से जोड़ने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। मंत्री ने कहा आंगनवाड़ी कार्यकत्री बहनों को नन्दा गौरा योजना से जोड़ने के लिए शासन स्तर पर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नन्दा गौरा योजना में पारदर्शिता लाने की दिशा में जल्द ही विभाग द्वारा आनलाइन पोर्टल की शुरूआत की जायेगी। उन्होंने कहा कि नन्दा गौरा योजना के लाभार्थियों का अवशेष भुगतान डीबीटी के माध्यम से कर दिया जायेगा। मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा बच्चों की भिक्षावृति पर अंकुश लगाने का भरसक प्रयास किया जा रहा है जिसमें बच्चों की काउंसलिंग तथा उनको सेल्टर होम लाने का प्रयास पुलिस विभाग तथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा किया जाता रहा है। सेल्टर होम में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पोषण का उचित प्रबंधन विभाग द्वारा किया जाता है। मंत्री ने कहा कि आये दिन आंगनवाड़ी बहनों द्वारा मानदेय से संबंधित शिकायत की जाती रही है, इस संबंध में उन्होंने एसएमएस सिस्टम बनाये जाने पर जोर दिया जिससे आंगनवाड़ी कार्यकत्री बहनों को एक क्लिक पर मानदेय तथा अन्य विभागीय जानकारी प्राप्त होगी। बैठक में अपर सचिव, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग बीके मिश्रा, उपनिदेशक, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग डॉ0 एसके सिंह, राज्य परियोजना अधिकारी, डॉ अखिलेश, कार्यक्रम अधिकारी, विक्रम सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।