-आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को महालक्ष्मी किट से जोड़ा जाएगा – HSS News 24

-आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को महालक्ष्मी किट से जोड़ा जाएगा

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देहरादूून, ब्यूरो। प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की अध्यक्षता में आंगनवाड़ी के समस्त पंजीकृत संगठनों द्वारा दिए गए ज्ञापन, प्रत्यावेदन, नन्दा गौरा महालक्ष्मी योजना, आंगनवाड़ियों के मानदेय वृद्धि, किराया भाड़ा एवं कैबिनेट में ले जाए जाने वाले प्रस्तावों के संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। मंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी से संबंधित सामग्री के आंगनवाड़ी केन्द्र तक ट्रान्सपोर्टेशन पर होने वाला खर्च आंगनवाड़ी कार्यकत्री बहनों द्वारा स्वंय वहन किया जाता है, आंगनवाड़ी बहनों को किसी प्रकार का अनावश्यक वित्तीय भार न उठाना पड इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये।
मंत्री ने कहा कि किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों का अवशेष किराया भाड़ा जल्द से जल्द आंगनवाड़ी कार्यकत्री बहनों को भुगतान किया जायेगा। आंगनवाड़ी केन्द्र हेतु सहायिकाओं की आयु सीमा की बाध्यता में छूट देने के प्रस्ताव पर मंत्री ने कहा कि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। मंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्री, सहायिका तथा मिनी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की नियुक्ति हेतु नवीन शासनादेश बनाया जा रहा है जिसे जल्द ही कैबिनेट में रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि हम आंगनवाड़ी बहनों को महालक्ष्मी किट से जोड़ने वाले है इस संबंध में अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये। मंत्री ने कहा कि जिस प्रकार तीन वर्ष से लेकर छः वर्ष तक के बच्चों को दूध, केला, अण्डा वितरित किया जाता है, उसी प्रकार हम छः माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को बाल पलाश योजना और मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना से जोड़ने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
मंत्री ने कहा आंगनवाड़ी कार्यकत्री बहनों को नन्दा गौरा योजना से जोड़ने के लिए शासन स्तर पर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नन्दा गौरा योजना में पारदर्शिता लाने की दिशा में जल्द ही विभाग द्वारा आनलाइन पोर्टल की शुरूआत की जायेगी। उन्होंने कहा कि नन्दा गौरा योजना के लाभार्थियों का अवशेष भुगतान डीबीटी के माध्यम से कर दिया जायेगा। मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा बच्चों की भिक्षावृति पर अंकुश लगाने का भरसक प्रयास किया जा रहा है जिसमें बच्चों की काउंसलिंग तथा उनको सेल्टर होम लाने का प्रयास पुलिस विभाग तथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा किया जाता रहा है। सेल्टर होम में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पोषण का उचित प्रबंधन विभाग द्वारा किया जाता है।
मंत्री ने कहा कि आये दिन आंगनवाड़ी बहनों द्वारा मानदेय से संबंधित शिकायत की जाती रही है, इस संबंध में उन्होंने एसएमएस सिस्टम बनाये जाने पर जोर दिया जिससे आंगनवाड़ी कार्यकत्री बहनों को एक क्लिक पर मानदेय तथा अन्य विभागीय जानकारी प्राप्त होगी। बैठक में अपर सचिव, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग बीके मिश्रा, उपनिदेशक, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग डॉ0 एसके सिंह, राज्य परियोजना अधिकारी, डॉ अखिलेश, कार्यक्रम अधिकारी, विक्रम सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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देहरादून, ब्यूरो। देश और उत्तर प्रदेश पश्चिम सर्किल के मार्केट लीडर रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड (श्रपव) ने उत्तर प्रदेश पश्चिम सर्किल में 800 मेगाहर्ट्ज बैंड में अतिरिक्त 5 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम अपने नेटवर्क में सफलता पूर्वक जोड़ लिया है। 5 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम और जुड़ जाने से जियो के नेटवर्क को खासी मजबूती मिली है। दूरसंचार विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश पश्चिम सर्किल में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पश्चिम के तमाम हिस्से शामिल माने जाते हैं। 800 मेगाहर्ट्ज बैंड को उसकी उच्च प्रसार क्षमता के लिए जाना जाता है। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों को और अधिक व्यापक कवरेज मिलेगी। साथ उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले बेहतरीन इनडोर कवरेज भी मिलेगी। ग्राहक अब और भी बेहतर कनेक्टिविटी, इंटरनेटऔर डाउनलोड स्पीड पाएंगे। उत्तर प्रदेश पश्चिम सर्किल में 4जी के लिए 800 मेगाहर्ट्ज बैंड में 5 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम जोड़ने के अलावा जियो ने हाल ही में संपन्न स्पेक्ट्रम नीलामी में 5 जी सेवाओं की शुरूआत के लिए 700 मेगाहर्ट्ज, 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज बैंड में क्रमशः 10 मेगाहर्ट्ज, 130 मेगाहर्ट्ज और 1000 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम का अधिग्रहण किया है। इस अधिग्रहण के साथ ही उत्तर प्रदेश पश्चिम सर्किल में जियो सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम धारक बन गया है। रिलायंस जियो उत्तर प्रदेश पश्चिम समेत सभी 22 टेलीकॉम सर्किलों में प्रीमियम 700 मेगाहर्ट्ज बैंड में 5जी स्पेक्ट्रम खरीदने वाला एकमात्र ऑपरेटर बनकर उभरा है, बैंड को 5जी के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इससे 5जी की दौड़ में जियो को शुरुआती बढ़त मिलने की संभावना है। 700 मेगाहर्ट्ज बैंड पर स्टैंडअलोन 5जी नेटवर्क को चलाया जा सकता है। इसे अपनी डेटा ट्रैफिक हैंडलिंग के लिए भी जाना जाता है। दुनिया भर में स्टैंडअलोन 5जी के लिए 700 मेगाहर्ट्ज बैंड का इस्तेमाल किया जाता है। यहां तक कि अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ने भी इसे 5जी सेवा के लिए प्रीमियम बैंड घोषित किया हुआ है। अपने लॉन्च के छह साल से भी कम समय में जियो ने 30 जून, 2022 तक उत्तर प्रदेश पश्चिम में 2.16 करोड़ ग्राहक जोड़ लिए थे। उत्तर प्रदेश पश्चिम सर्किल में जियो, ग्राहकों के बीच सबसे बड़े और सबसे पसंदीदा डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में उभरा है। उत्तर प्रदेश पश्चिम सर्किल में जियो के विशाल नेटवर्क में लगभग 30000 किलोमीटर फाइबर और 23000 से अधिक नेटवर्क एलिमेंट्स हैं। जिसमे टेलिकॉम टावर और स्मॉल सेल इत्यादि शामिल हैंस यह नेटवर्क 99.5 प्रतिशत आबादी को कवर करता है। जियो की अधिकांश साइटें फाइबर से जुड़ी हैं। जो लगभग असीमित डेटा ले जाने की क्षमता रखती हैं और अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कई गुना अधिक सक्षम हैं।

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