देहरादून, ब्यूरो। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कुपवाडा बार्डर पर 2013 में शहीद हुए राइफल मैन स्व0 मनोज राणा की पुण्य तिथि पर उनके कैनाल रोड़ स्थित आवास पर जाकर शहीद सैनिक को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शहीद की माता जी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर करन माहरा ने कहा कि हम देवभूमि के लोग अपने आपको सौभाग्यशाली मानते हैं कि देश की समीमाओं की रक्षा में हम सबसे आगे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद जब-जब देश पर किसी बाहरी ताकत के कारण संकट आया हमारे नौजवानों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर देश की सीमाओं की रक्षा की। हम देवभूमि के ऐसे सपूतों को शत-शत् नमन करते हैं।
इसके उपरान्त करन माहरा ने पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के आवास पर पहुंचकर उनकी पूज्य माता जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना देते हुए मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर उपस्थित प्रदेश उपाध्यक्ष प्रशासन/संगठन मथुरादत्त जोशी, मीडिया पैनलिस्ट गरिमा दसौनी, बसी जैदी, अमरजीत सिंह आदि ने भी शहीद मनोज राणा को श्रद्धासुमन अर्पित किये तथा अशोक कुमार की माता जी के निधन पर शोक प्रकट किया।
नुकसान होने के बाद ही क्यों जागती है उत्तराखंड सरकारः आप
Wed Jul 27 , 2022
देहरादून, ब्यूरो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग परीक्षा में घपले की शिकायत मामले में जांच के आदेश देने वाली बात पर आम आदमी पार्टी के गढ़वाल मीडिया प्रभारी रविंद्र सिंह आनंद में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहां की उत्तराखंड सरकार जब तक कोई बड़ा नुकसान ना हो उससे पहले नहीं जागती है। श्री आनंद ने कहा कि इससे पूर्व भी यदि हम इतिहास उठाकर देख ले तो जितनी भी परीक्षाएं आयोजित की गई चाहे वह लोक सेवा आयोग की हो यह किसी अन्य भर्ती की पेपर लीक आम बात हो गई है इसके बाद भी प्रदेश के साइबर सिक्योरिटी सेल या अन्य विभाग द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की गई नाही इस पर ठोस कार्यवाही ना होती दिखाई दी है। श्री आनंद ने कहा कि ने कहा कि यह डिजिटल युग है और हमें अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है आज हमें हर कदम फूंक-फूंक के रखने की जरूरत है जब हमें यह पता है कि पर्चे लीक होना आम बात होती जा रही है यूनिवर्सिटीज में भी परीक्षा के पर्चे लीक होना आज आम बात हो गई है तो ऐसे में हमारी सरकार को भी हाईटेक होने की जरूरत है और हमें इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि बार-बार पर्चे लीक होने की वजह से आवेदकों को खांसी परेशानी का सामना करना पड़ता है कई बार देखने में आया है कि आवेदन करता का यह आवेदन का आखरी साल होता है और पर्चा लीक होने की वजह से प्रक्रिया आगे खिसका दी जाती है और उसका वह साल बर्बाद हो जाता है ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह कोई ठोस कदम उठाएं और जल्द से जल्द इसका कोई निष्कर्ष निकाले।