जलभराव की समस्या वाले क्षेत्रों को निरीक्षण किया – HSS News 24

जलभराव की समस्या वाले क्षेत्रों को निरीक्षण किया

admin

देहरादून, ब्यूरो। जिलाधिकारी सोनिका ने राजपुर रोड़ सर्वे चौक, ब्राइटलैंड तिराह आदि स्थानों पर निरीक्षण करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात के दौरान जलभराव न हो तथा पानी की सुगमता से निकासी हो। उन्होंने नगर निगम एवं लोनिवि को नालियों की सफाई तथा मार्गों पर निर्माण सामग्री हटाने/व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।
रायपुर क्षेत्र में जलभराव की सूचना पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा द्वारा मौके पर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित विभागों यथा नगर निगम, सिचांई, लोनिवि के अधिकारियों को क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जलभराव का कारण एवं पानी की निकासी की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को निर्माण कार्यों वाले स्थलों पर निर्माण साम्रगी से जलभराव एवं सड़क बाधित न हो इसका विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नगर निगम, सिंचाई, लोनिवि, के अधिकारियों सहित जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ0 दीपशिखा रावत उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

प्रभारी कानूनगो नौ हजार रु. की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

सितारगंज, ब्यूरो। विजिलेंस टीम ने सितारगंज तहसील के प्रभारी कानूनगो/लेखपाल को नौ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथों दबोच लिया। यह रकम दाखिल-खारिज के एवज में एक किसान से मांगी गयी थी। किसान इससे पहले भी आरोपी को छह हजार रुपये दे चुका था। विजिलेंस टीम आरोपी प्रभारी कानूनगो को ट्रैप कर हल्द्वानी ले गयी। विजिलेंस इस मामले में तहसील के अन्य कार्मिकों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है। मूलतः उत्तर प्रदेश में रामपुर जिले के ग्राम ककरौआ और हाल बरेली रोड, हल्द्वानी निवासी लेखपाल अशरफ अली के पास बंदोबस्त विभाग के कानूनगो का अतिरिक्त प्रभार भी है। ग्राम बिजटी पटिया निवासी किसान सुखदेव सिंह ने एसपी विजिलेंस से कानूनगो की शिकायत की थी। आरोप था कि जमीन के दाखिल-खारिज के एवज में प्रभारी कानूनगो ने उनसे 15 हजार रुपये की मांग की है। बताया कि छह हजार रुपये की रकम वह पहले दे चुके हैं, इसके बावजूद दाखिल-खारिज नहीं किया गया, जबकि यह प्रक्रिया निरूशुल्क होती है। आरोप था कि प्रभारी कानूनगो ने बाकी नौ हजार मिलने के बाद ही दाखिल-खारिज को कहा है। एसपी विजिलेंस प्रह्लाद नारायण मीणा के निर्देश पर इंस्पेक्टर चंचल शर्मा ने प्राथमिक जांच की तो शिकायत पुष्ट पायी गयी। इसके बाद ट्रैप टीम का गठन कर लिया गया। शनिवार को सुखदेव सिंह ने नौ हजार रुपये देने के लिये प्रभारी कानूनगो को अपने घर पर बुला लिया। प्रभारी कानूनगो अशरफ अली शनिवार को सुखदेव के घर पहुंचे, जहां विजिलेंस ने उन्हें नौ हजार रुपये के साथ रंगेहाथ दबोच लिया। टीम उन्हें गिरफ्तार कर यहीं से हल्द्वानी ले गयी। एसपी विजिलेंस मीणा ने टीम को दस हजार रुपये इनाम की घोषणा की। टीम में इंस्पेक्टर चंचल शर्मा, इंस्पेक्टर हेम पाण्डे, एसआई बलवीर सिंह, एसआई कैलाश जोशी शामिल रहे। मामले में तहसील के अन्य कर्मियों- अधिकारियों की संलिप्तता की जांच के लिये इंस्पेक्टर हेमा पंत को जांच सौंपी गयी है। प्रभारी कानूनगो की गिरफ्तारी के बारे में दोपहर बाद तक भी एसडीएम और तहसील के कर्मचारियों को जानकारी नहीं थी। दरअसल, विजिलेंस टीम प्रभारी कानूनगो को किसान के घर से गिरफ्तार कर सीधे हल्द्वानी ले गयी। ग्रामीणों के जरिये दोपहर तक यह जानकारी अधिकारियों को मिली। हालांकि, विजिलेंस की ओर से शाम तक भी तहसील अधिकारियों को आधिकारिक सूचना नहीं मिली थी। एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि प्रभारी कानूनगो की गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना के बाद मामले में विभागीय कार्रवाई की जायेगी।

You May Like

Subscribe US Now