खटीमा, ब्यूरो। टाटा स्टील के पोर्टफोलियो में शामिल हुए नए दिग्गज ब्रांड-टाटा प्रवेश ने आज यहां ओली इंटरप्राइजेज, नजदीक निखिल पेंट, स्टेट हाईवे परोप डी. सी. ओली, खटीमा ने अपनी नयी डीलरशिप लॉन्च की, जहां स्टील के दरवाजों से लेकर खिड़कियों तक की शानदार और मजबूत रेंज मिलेगी। दिनेश ओली, डीलरशिप मालिक, टाटा प्रवेश, ने कहा, श्टाटा प्रवेश के प्रत्येक उत्पाद में स्टील की ताकत और लकड़ी की सुंदरता है। इसके अत्याधुनिक उत्पाद टिकाऊ होते हैं और घर में पक्की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। स्टील की ताकत और लकड़ी की सुंदरता के मेल वाले, टाटा प्रवेश दरवाजे और खिड़कियां कीमत, गुणवत्ता, टिकाऊपन और सुरक्षा के मामले में उपयोगकर्ताओं को पूर्ण मानसिक शांति प्रदान करते हैं।श्लकड़ी के दरवाजों के मामले में सबसे बड़ा खतरा दीमक का होता है। इसी तरह के अन्य खतरों के लिए भी सर्वाेच्च प्रतिरोध सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक से हाई ग्रेड स्टील वाले दरवाजे बनाए जाते हैं। पूर्णता के हिसाब से तैयार, टाटा का हर उत्पाद गुणवत्ता और फिनिश में एक समान है। इसकी बनावट असली लकड़ी जैसी दिखती है। दरवाजों और खिड़कियों के लिए यहां एक ही स्थान पर सारे समाधान मिल जाते हैं।
मृतक शिक्षक के तबादले पर शिक्षा मंत्री का सख्त रूख -महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को दिये जांच के निर्देश -कहा, समिति गठित कर तीन दिन के भीतर करें कार्रवाई
Thu Jul 14 , 2022
देहरादून, ब्यूरो। रूद्रप्रयाग जनपद में प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत मृतक शिक्षक का तबादला किये जाने पर सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने सख्त रूख अपनाया है। डॉ0 रावत ने सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों की खबरों का संज्ञान लेते हुये महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को मामले में समिति गठित कर तत्काल जांच के निर्देश दिये। विभागीय मंत्री ने इस प्रकरण को घोर लापरवाही मानते हुये संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश महानिदेशक शिक्षा को दिये हैं। शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि रूद्रप्रयाग जनपद में वार्षिक स्थानांतरण-2022-23 के तहत एक मृतक शिक्षक के तबादले का प्रकरण समाने आया है। जिसमें प्रथम दृष्टिया विभागीय अधिकारियों की अपने कार्य एवं दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही प्रतीत होती है। मामले की गंभीरता को देखते हुये महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी को तत्काल विभागीय समिति गठित कर तीन दिन के भीतर जांच करने कराने के साथ ही लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि मृतक शिक्षक की मौत के चार साल बाद तबादला किया जाना जिम्मेदार अधिकारियों की भारी लापवाही को दर्शाता है। जो कि बर्दाश्त किये जाने योग्य नहीं है। डॉ0 रावत ने कहा इस प्रकरण की गंभीरता से जांच की जायेगी और जांच में जो भी दोषी पाये जायेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि स्थानांतरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापवाही न बरते अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई अमल में लाई जायेगी।